यह हो समुदाय की महिलाओं द्वारा खेला जाने वाला खेल है। चुर खेल को प्रचण्ड  गर्मी में बारिश की संभावना हेतु हवा की दिशा एवं गति देने के लिए खेला जाता है।

कैसे खेला जाता है ?

1.इस खेल को 9-9 महिलाओं द्वारा पक्ष-विपक्ष के रुप में खेला जाता है।

  1. चुर खेल का मैदान 14 मीटर चौड़ा और 56 मीटर लम्बा होता है। जो 8 भागों में बाँट कर बीचो-बीच लम्बाई में एक लाईन खींची जाती है।

3.रानी सहित 9 खिलाड़ी होती हैं।

4.रानी बीच वाली लईन पर एक छोर से दूसरी छोर तक जा सकती है।

5.प्रत्येक पक्ष को बाए छोर से होते हुए अंतिम 8 वें भाग मे घुस कर पुनः सामने आना है।

  1. विपक्ष का प्रयास पक्ष के खिलाड़ियों को जाने से रोकना है।
  2. अंतिम 8 वें भाग से निकल कर आते वक्त किसी को छुने की स्थिति में खेल एक तरफा विपक्ष को विजेता घोषित किया जाता है।

 

खेल का प्रभाव

चुर खेल के दौरान बच्चीयों या महिलाओं के भाग दौड़, धमा-चोकड़ी  से वायु को दौड़ के अनुसार दिशा और गति मिलती रहती है। ऐसा करने से आसमान में विचरण करने वाले बादल प्रभाव में आ जाते हैं और दूसरे बादल के समीप आने पर टकराहट की स्थिति में बरिश की संभावनाएं होती है।

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